मधुमेह के लिए प्रभावी हर्बल उपचार
हेलो दोस्तों ,
आज आपको मधुमेह के बारे में थोड़ा जानकारी देना चाहुगा। ......
- इंसुलिन की मात्रा कम हो सकती है।
- इंसुलिन की मात्रा अपर्याप्त हो सकती है किन्तु इससे रिसेप्टरों को खोला नहीं जा सकता है।
- पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है।
- यह रोग, खून के जांच से पता चलता है।
मधुमेह के कारण
- खून में चीनी (बल्ड शुगर) को सामान्य स्तर में नियंत्रित होना आवश्यक है। इसके लिये शरीर में अनेक अंग और होरमोंस मिलकर काम करते हैं। अगर आपका शरीर यह नियंत्रण के शक्ति खो देता है, तो आपको “डायबिटीज़” हो जाता है।
- आधिकांश समय (90%) यह गर्भ के शुरुआत में हो सकता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि आपको गर्भ के अंत में “डायबिटीज़” नहीं हो सकता है।
- कुछ लोग को पहले से “डायबिटीज़” होता है, जिसके बारे में वो अवगत नहीं होते हैं। यह जब गर्भ के दौरान बढ़ जाता है, तो जांच के बाद पहचाना जाता है।
- गर्भ के होरमोंस जैसे कि “प्रोजेस्टेरोन” और “प्लासेंटल लेक्टोजन”, शरीर में उत्तपन “इंसुलिन” के विपरीत काम करते हैं। यह आपको “मधुमेह” का अवस्था दे सकता है।
मधुमेह की संभावना
- गर्भ के अनेक समस्याओं में से “जेस्टेशनल डायबिटीज़” सबसे ज्यादा लोगों में होता है।
- “जेस्टेशनल डायबिटीज़” करीब 20 में से 1 मां को हो सकता है।
- भारतीय लोगों में “जेस्टेशनल डायबिटीज़” अधिक होता है।
- अगर मां को उपर लिखे हुय कोई भी स्थिती है, तो उसका “जेस्टेशनल डायबिटीज़” होने का रिस्क और बढ़ जाता है।
- गर्भ के दौरान अगर आपको “डायबिटीज़” हो जाता है, तब उसे “गर्भ में डायबिटीज़” या “जेस्टेशनल डायबिटीज़” कहते हैं। इसके लिये यह जरूरी नहीं है कि आपको उसके लिये इंसुलिन का दवा लेना पड़े या नहीं, या यह रोग गर्भ के बाद रहता है या नहीं।
रक्त शर्करा स्तर
मधुमेह में और सामान्यतया भी रक्त-शर्करा स्तर को सामान्य बनाये रखना आवश्यक होता है। यदि रक्त में शर्करा का स्तर लंबे समय तक सामान्य से अधिक बना रहता है तो उच्च रक्त ग्लूकोज अधिक समय के बाद विषैला हो जाता है। अधिक समय के बाद उच्च ग्लूकोज, रक्त नलिकाओं, गुर्दे, आंखों और स्नायुओं को खराब कर देता है जिससे जटिलताएं पैदा होती है और शरीर के प्रमुख अंगों में स्थायी खराबी आ सकती है। स्नायु की समस्याओं से पैरों अथवा शरीर के अन्य भागों की संवेदना चली जा सकती है। रक्त नलिकाओं की बीमारी से हृदयाघात थो सकता है, पक्षाघात और संचरण की समस्याएं पैदा हो सकती है। आंखों की समस्याओं में आंखों की रक्त नलिकाओं की खराबी (रेटीनोपैथी), आंखों पर दबाव (ग्लूकोमा) और आंखों के लेंस पर बदली छाना (मोतियाबिंद) हो सकते हैं। गुर्दे की बीमारी का कारण, गुर्दा रक्त में से अपशिष्ट पदार्थ की सफाई करना बंद कर देती है। उच्च रक्तचाप से हृदय को रक्त पंप करने में कठिनाई होती है।
हरबो डायीबिकन कैप्सूल स्वाभाविक रूप से खून में शुगर का स्तर मेन्टेन करता है
जिस कारण आप स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन जी सकते है
मधुमेह का प्रभावी हर्बल इलाज
प्रकृति ने किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए हमें शक्तिशाली दवाई प्रदान की है. जिनको हम घास-फूस समजते हैं दरअसल प्राचीन काल से इन्ही दवाओं के द्वारा इलाज किया जाता रहा है और हमारे पूर्वज इन्ही दवाओं का प्रयोग करते थे तब तक किसी रसायन की खोज नहीं हुई थी और लोग जड़ी-बूटियों के प्रयोग से स्वस्थ रहते थे और दीर्घ आयु होते थे परन्तु रसायन की खोज हो जाने के पश्चात् चिकित्सा के रूप निरन्तर परिवर्तन होते रहे और आज चिकित्सा में रसायन का प्रयोग किया जाता है ये रसायन तुरंत उपचार करने में सक्षम हो सकते है परन्तु यह रसायन हमारे शरीर के अन्य भागो पर बुरा प्रभाव डालते है अतः अब लोग चिकित्सा के पुराने तरीको और दवाओं को मान्यता दे रहें है और भारत भूमि तो इन दवाओं के प्राप्त करने का मुख्य केन्द्र है पुरे विश्व में आज भारत में पाई जाने वाली इस अदभुत दवाओं का प्रयोग विदेशों में भी किया जाने लगा है.
तो ये है वो दवा जो आपको आसानी से हर आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर पे मिल जाएगी। .....
एक बार अपना के जरूर देखें और याद रहे की कभी कभी बड़ी चीज जहा काम नहीं करती वह एक छोटा उपचार ही काम में आ जाता है। ... आप अपना अमूल्य कीमती राय देना न भूलें। ....
आप मेरे व्हाट्सप्प नंबर पे भी अपना राय दे सकते है। ...
+९६६५७१८४१२४४
अजय पाण्डेय
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